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कंपनी रजिस्ट्रेशन कैसे करे |

कंपनी रजिस्ट्रेशन कैसे करे |

जैसे की हम जानते है, कोरोना के बाद बेरोजगारी बढ़ती जा रही है अब लोग खुद का बिज़नेस करने की सोच रहे है और भारत के अंदर तो अब स्टार्टप्स का दौर भी चल रहा है, नए नए स्टार्टप्स खुल रहे है। अगर आप भी अपनी खुद की एक कंपनी खोलना चाहते हो तो आपको उसको रजिस्ट्रेशन कराने की आवश्यकता पड़ेगी।

जैसा कि हम जानते है, कंपनी रजिस्ट्रेशन कराना कितना जरूरी होता है, लेकिन जब लोग बिज़नेस की शुरुआत करते है, तो वे नही जानते कि कंपनी को कैसे रजिस्टर कैसे करे। आज हम आपको बताएंगे की कंपनी रजिस्ट्रेशन कैसे करे वो भी स्टेप बाई स्टेप जानकारी।

कंपनी रजिस्ट्रेशन कैसे करे |

1. डायरेक्टर आइडेंटिफिकेशन नंबर (Director Identification Number)

डायरेक्टर आइडेंटिफिकेशन नंबर एक यूनिक नंबर होता है, जो कि सरकार द्वारा कंपनी के के डायरेक्टर या किसी व्यक्ति को दिया जाता है।

यह के 8 अंकों का नंबर होता है, जो कि कंपनी के लिए बहुत जरूरी होता है।

डायरेक्टर आइडेंटिफिकेशन नंबर लेने का प्रोसीजर क्या है?

  • SPICe Form: अगर आप एक नई कंपनी खोलना चाहते है तो आपको यह फॉर्म भरना होगा।
  • DIR-3 Form: अगर कोई व्यक्ति जिस कंपनी में है और वो डायरेक्टर बनना चाहता है उस कंपनी में, तो उसे इस फॉर्म के तहत रेजिस्ट्रेशन कराना होगा।
  • DIR-6 Form: अगर आप अपनी कंपनी के डायरेक्टर बदलना चाहते हो, तो आपको इस फॉर्म के तहत रजिस्ट्रेशन कराना होगा।

2. डिजिटल सिग्नेचर के लिए आवेदन कर (Apply For Digital Signature)

किसी भी बिज़नेस के लिए डिजिटल सिग्नेचर बहुत आवश्यक होता है, अपनी कंपनी के लिए डिजिटल सिग्नेचर के लिए आवदेन करे।

डिजिटल सिग्नेचर की फीस 400 से 2700 के बीच मे होती, आप डिजिटल सिग्नेचर किसी CA से भी बनवा सकते है, या फिर आप गवर्मेन्ट साइट पर जाके भी आवदेन कर सकते है।

3. रजिस्टर कंपनी नाम (Register Company Name)

आपने अपनी कंपनी का जो भी नाम रखा है, अब उसे रजिस्टर कराए। नाम को रजिस्टर कराने से पहले ये देख ले कि नाम उपलब्ध भी है या नही, अगर नही है तो कोई दूसरा नाम सोचे।

अपनी कंपनी के नाम का ट्रेडमार्क भी जरूर चेक कर, ताकि भविष्य में आपको किसी समस्या का सामना ना करना पड़े।

बिज़नेस के नाम को रजिस्टर कराने में तकरीबन एक हज़ार रुपए तक का खर्च आता है।

4. रबर स्टाम्प बनवाए (Make Stamp)

अपनी कंपनी के लिए एक रबर स्टाम्प बनवाए, आप रबर स्टाम्प किसी वेबसाइट पर जाके या किसी दुकान पर बनवा सकते है, जिसका खर्च तकरीबन 500 रुपए आएगा।

5. स्टाम्प ड्यूटी भरे और जरूरी दस्तावेज (Pay Stamp Duty And Important Document)

स्टाम्प ड्यूटी एक गवर्नमेंट इनडाइरेक्ट टैक्स होता है, जो कि बिज़नेस को शुरू करने से पहले भरना होता है। स्टाम्प ड्यूटी 6 माह तक वैलिड रहता है।

और कुछ जरूरी दस्तावेज भी होते है बिज़नेस के लिए जो आपको जमा करने होते है।

इन दोनों कामो में तकरीबन 27 दिन का समय और 25,000 रुपए तक लग जाते है।

6. प्रोविडेंट फण्ड में रजिस्टर करें (Register In Provident Fund)

अगर आपकी कंपनी के अंदर 20 से ज्यादा कर्मचारी काम करेंगे तो आपको गवर्नमेंट रूल के तहत अपनी कंपनी को प्रोविडेंट फण्ड एक्ट 1952 के अंदर रजिस्टर कराने की जरूरत होगी।

7. ESIC के लिए रजिस्टर करें (Register In ESIC)

अगर आपकी की कंपनी के अंदर 20 से ज्यादा कर्मचारी काम करते है, जिनकी तनखा 21,000 या उससे अधिक है, तो आपको अपनी कंपनी को ESIC के अंदर रजिस्टर कराना होगा। ESIC का मतलब होता है कर्मचारी इन्शुरन्स या मेडिकल सुविधा।

8. लीगल स्ट्रक्चर चुने (Choose Legal Structure)

अब अपनी कंपनी का लीगल स्ट्रक्चर चुने और उसके अंदर अपनी कंपनी को रजिस्टर कराए।

आइए जानते है कोनसे कोनसे लीगल स्ट्रक्चर उपलब्ध है।

  • सोल प्रोप्रियतोरशिप (Sole Proprietorship)

यह एक बहुत ही सिंपल और आसान तरीका है अपनी कंपनी को रजिस्टर कराने के लिए, इसके अंदर आपका अपने बिज़नेस पर फुल कंट्रोल रहता है।

  • पार्टनरशिप (Partnership)

अगर दो या दो से ज्यादा लोग कंपनी को खोलना चाहते है, तो आपको अपनी कंपनी पार्टनरशिप के अंदर रजिस्टर करानी होगी।

  • लिमिटेड लायबिलिटी कंपनी (Limited Liability Company)

यह रजिस्ट्रेशन कारपोरेशन और पार्टनरशिप दोनी के लिए होता है।

9. कारपोरेशन (Corporation)

अगर आप कारपोरेशन के तहत अपनी कंपनी को रजिस्टर कराओगे तो कानून आपको आपकी कंपनी से अलग मानेगा, कारपोरेशन के अपने कानून और अधिकार है।

आइए जानते है कारपोरेशन के प्रकार।

  • सी कारपोरेशन (C Corporation)

सी कारपोरेशन शेयरहोल्डर के लिए होती है, जैसे बैंक, फाइनेंसियल सर्विस कंपनी।

  • स कारपोरेशन (S Corporation)

स कारपोरेशन छोटे बिज़नेस के लिए होता है।

  • ब कारपोरेशन (B Corporation)

ब कारपोरेशन एक सोशल एन्विरोमेंट कंपनी होती है प्रॉफिट के लिए।

  • क्लोज्ड कारपोरेशन (Closed Corporation)

क्लोज्ड कारपोरेशन जो है कुछ शेयरहोल्डर के द्वारा चलाई जाती है।

  • ओपन कारपोरेशन (Open Corporation)

ओपन कारपोरेशन के अंदर कोई भी व्यक्ति इन्वेस्ट कर सकता है, जैसे माइक्रोसॉफ्ट में, या फोर्ड कंपनी में।

  • नॉनप्रॉफिट कारपोरेशन (Nonprofit Corporation)

नॉनप्रॉफिट कंपनी प्रॉफिट के लिए नही चलाई जाती है, जैसे वीकेपेडिया, रेड क्रोस।

नोट: कृपया ध्यान रखे हर राज्य के कानून और नियम अलग होते है, तो कृपया किसी सीए (CA) की मदद से अपनी कंपनी का रजिस्ट्रेशन कराए।

Frequently Asked Questions

बिजनेस रजिस्ट्रेशन क्या होता है?

जब भी हम कोई नया बिज़नेस शुरू करते है, तो उसकी जानकारी सर्कार को देना आवश्यक होती है जिसके लिए हमे बिज़नेस रजिस्ट्रेशन कराना होता है।

बिज़नेस रजिस्ट्रेशन कितने प्रकार से होता है?

बिज़नेस रजिस्ट्रेशन के कई प्रकार होते है, जैसे।

1. सोल प्रोप्रियतोरशिप (Sole Proprietorship)
2. पार्टनरशिप (Partnership)
3. लिमिटेड लायबिलिटी कंपनी (Limited Liability Company)
4. कारपोरेशन (Corporation)

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This Post Has 2 Comments

  1. Narendra Jain

    आपने लिखा है PF और ESIC कि जरुरत 20 से ज़्यादा कर्मचारी हो तो होती है । पर हमारे कुछ सलाहकार बोलते है कि 10 कर्मचारियों के बाद ये लागु हो जाता है । कृपया confirm करे

    1. Businestack

      बिलकुल, यदि आपके संगठन में 20 से कम कर्मचारी कार्यरत हैं तो भी स्वेच्छा से पंजीकरण करा सकते हैं

      एक नियोक्ता के रूप में, यदि आप अपने संगठन में 20 से कम लोगों को रोजगार देते हैं, या यदि आपके अधिकांश कर्मचारी छूट के लिए अपनी सहमति व्यक्त करते हैं, तो आपको ईपीएफ योजना के लिए पंजीकरण करने से छूट मिल सकती है।

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